Jan 13, 2021
निपाह वायरस

निपाह वायरस का सच, लक्षण और बचाव

निपाह वायरस के आतंक से लोग बहुत डरे सहमे हैं. इस वायरस का आतंक सबसे ज्यादा केरल के कोझिकोड और मल्लपुरम में देखने को मिला है. आपको बता दें की निपाह वायरस, अब तक 13 लोगों की मौत का कारण बन चूका है.

शुरू में ये बात सामने आई थी के वायरस चमगादड़ की लार से फैलता है. आपको ये जानकर हैरानी होगी की सिर्फ चमगादड़ ही निपाह वायरस को फैलाने के लिए जिम्मेदार नही है. ये सच है की चमगादड़ इस रोग को तेजी से फैलाने में सक्षम है, मगर निपाह वायरस बाकी जानवरों से भी फैल सकता है.

निपाह वायरस बहुत आसानी से जानवरों से इंसानों में फैलने की छमता रखता है. अस्पतालों में यह एक इंसान से बाकी इंसानों में भी फैल सकता है.

निपाह वायरस के बारे में

1 – यह फैलने वाला वायरस है, जो जानवरों के द्वारा इंसानों में फैल सकता है और गंभीर बीमारी को जन्म देता है.

पढ़े :  Vastu shastra ke anusar kis Disha me Sona Chahiye

2 – ज्यादातर ये वायरस फ्रूट बैट द्वारा फैलाया जाता है. इसे कुछ जानवर भी फैला सकते हैं.

3 – सबसे पहला निपाह वायरस सुअर में वर्ष 1998 में पाया गया था.

4 – सबसे पहले इस वायरस का पता ‘मलेशिया के कम्पंग सुंगाई निपाह’ में चला था. इसी के नाम पर इसका नाम “निपाह वायरस” पड़ गया.

5 – वर्ष 2004 में बांग्लादेश के 71 लोग निपाह वायरस की चपेट में आए थे. इनमे से 50 लोगों की मौत हो गई थी. अब ये वायरस केरल में भी पाया गया है जिससे 13 लोगों की मौत भी हो चुकी है.

6 – Centers for Disease Control and Prevention (CDC) की मानें तो, निपाह वायरस का इंफेक्शन एंसेफ्लाइटिस से जुड़ा हुआ है, इससे दिमाग को भारी नुकसान होता है.

इस वायरस से फैली बीमारी के लक्षण

1 – तेज बुखार और सिरदर्द का होना.

2 – पीड़ित व्यक्ति 24 से 48 घंटों में कोमा में पहुंच सकता है.

पढ़े :  क्या अलार्म की आवाज से उठाना अच्छा होता है

3 – सबसे पहले इंफेक्शन होने पर सांस लेने में समस्या होने लगती है.

4 – मरीज को Neurological Problems भी हो सकती हैं.

5 – दिमाग में सूजन का होना, तेज बुखार का होना, सिरदर्द का होना और मांसपेशियों में दर्द का होना आदि. ये सभी वायरस से इन्फेक्टेड होने के लक्षण हो सकते हैं.

निपाह वायरस से बचाव

1- ऐसे फलों को न खाएं जो पेड़ से गिरे हों. काफी गले हुए फल भी ना खाएं. ध्यान रखें कि आप जो खाना खा रहे हैं वह किसी चमगादड़ या उसके मल मूत्र से दूषित ना हो. कुतरे हुए फल ना खाएं क्योकि ये चमगादड़ का झूठा हो सकता है.

2 – वायरस से पीड़ित मरीज से दूर रहें.

3 – जिनकी मौत इस वायरस की चपेट में आने पर हुई है उनके शव से भी दुरी बना कर रखें. ये शव भी वायरस फैला सकता है.

4 – तेज बुखार होने या सांस लेने में कठिनाई होने पर तुरंत अस्पताल जाएं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *